وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيۡتُونِ
क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
التين
Read Surah At-Tin in Hindi (التين) with Arabic text, Hindi translation, and audio recitation. Chapter 95 of the Holy Quran, 8 verses — free online.
कुरान हिंदी में · all 114 सूरहs
وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيۡتُونِ
क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
وَطُورِ سِينِينَ
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
وَهَٰذَا ٱلۡبَلَدِ ٱلۡأَمِينِ
और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
لَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ فِيٓ أَحۡسَنِ تَقۡوِيمٖ
निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।
ثُمَّ رَدَدۡنَٰهُ أَسۡفَلَ سَٰفِلِينَ
फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فَلَهُمۡ أَجۡرٌ غَيۡرُ مَمۡنُونٖ
परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।
فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعۡدُ بِٱلدِّينِ
फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?
أَلَيۡسَ ٱللَّهُ بِأَحۡكَمِ ٱلۡحَٰكِمِينَ
क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?
At-Tin
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