Surah Ar-Rahman in Hindi

    الرحمن

    Surah Ar-Rahman in Hindi

    Read Surah Ar-Rahman in Hindi (الرحمن) with Arabic text, Hindi translation, and audio recitation. Chapter 55 of the Holy Quran, 78 verses — free online.

    कुरान हिंदी में · all 114 सूरहs

    ٱلرَّحۡمَٰنُ

    अत्यंत दयावान् ने।

    عَلَّمَ ٱلۡقُرۡءَانَ

    यह क़ुरआन सिखाया।

    خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ

    उसने मनुष्य को पैदा किया।

    عَلَّمَهُ ٱلۡبَيَانَ

    उसे बात करना सिखाया।

    ٱلشَّمۡسُ وَٱلۡقَمَرُ بِحُسۡبَانٖ

    सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।

    وَٱلنَّجۡمُ وَٱلشَّجَرُ يَسۡجُدَانِ

    तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।

    وَٱلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ ٱلۡمِيزَانَ

    और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।[1]

    [1] (देखिए : सूरतुल-ह़दीद, आयत : 25) अर्थ यह है कि धरती में न्याय का नियम बनाया और उसके पालन का आदेश दिया।

    أَلَّا تَطۡغَوۡاْ فِي ٱلۡمِيزَانِ

    ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।

    وَأَقِيمُواْ ٱلۡوَزۡنَ بِٱلۡقِسۡطِ وَلَا تُخۡسِرُواْ ٱلۡمِيزَانَ

    तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।

    १०

    وَٱلۡأَرۡضَ وَضَعَهَا لِلۡأَنَامِ

    और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।

    ११

    فِيهَا فَٰكِهَةٞ وَٱلنَّخۡلُ ذَاتُ ٱلۡأَكۡمَامِ

    उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।

    १२

    وَٱلۡحَبُّ ذُو ٱلۡعَصۡفِ وَٱلرَّيۡحَانُ

    और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।

    १३

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    १४

    خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ مِن صَلۡصَٰلٖ كَٱلۡفَخَّارِ

    उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।

    १५

    وَخَلَقَ ٱلۡجَآنَّ مِن مَّارِجٖ مِّن نَّارٖ

    तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।

    १६

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    १७

    رَبُّ ٱلۡمَشۡرِقَيۡنِ وَرَبُّ ٱلۡمَغۡرِبَيۡنِ

    (वह) सूर्योदय[2] के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।

    [2] गर्मी तथा जाड़े में सूर्योदय तथा सूर्यास्त के स्थानों का। इससे अभिप्राय पूर्व तथा पश्चिम की दिशा नहीं है।

    १८

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    १९

    مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ يَلۡتَقِيَانِ

    उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।

    २०

    بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخٞ لَّا يَبۡغِيَانِ

    उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।

    २१

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    २२

    يَخۡرُجُ مِنۡهُمَا ٱللُّؤۡلُؤُ وَٱلۡمَرۡجَانُ

    उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।

    २३

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    २४

    وَلَهُ ٱلۡجَوَارِ ٱلۡمُنشَـَٔاتُ فِي ٱلۡبَحۡرِ كَٱلۡأَعۡلَٰمِ

    तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।

    २५

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    २६

    كُلُّ مَنۡ عَلَيۡهَا فَانٖ

    हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।

    २७

    وَيَبۡقَىٰ وَجۡهُ رَبِّكَ ذُو ٱلۡجَلَٰلِ وَٱلۡإِكۡرَامِ

    तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।

    २८

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    २९

    يَسۡـَٔلُهُۥ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ كُلَّ يَوۡمٍ هُوَ فِي شَأۡنٖ

    उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।[3]

    [3] अर्थात वह अपनी उत्पत्ति की आवश्यकताएँ पूरी करता, प्रार्थनाएँ सुनता, सहायता करता, रोगी को निरोग करता, अपनी दया प्रदान करता, तथा अपमान-सम्मान और विजय-प्राजय देता और अनगिनत कार्य करता है।

    ३०

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ३१

    سَنَفۡرُغُ لَكُمۡ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ

    हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे[4] ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)[5]

    [4] इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है। [5] इसमें प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जाएगा।

    ३२

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ३३

    يَٰمَعۡشَرَ ٱلۡجِنِّ وَٱلۡإِنسِ إِنِ ٱسۡتَطَعۡتُمۡ أَن تَنفُذُواْ مِنۡ أَقۡطَارِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ فَٱنفُذُواْۚ لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلۡطَٰنٖ

    ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।[6]

    [6] अर्थ यह है कि अल्लाह की पकड़ से बच निकलना तुम्हारे बस में नहीं है।

    ३४

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ३५

    يُرۡسَلُ عَلَيۡكُمَا شُوَاظٞ مِّن نَّارٖ وَنُحَاسٞ فَلَا تَنتَصِرَانِ

    तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।

    ३६

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ३७

    فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتۡ وَرۡدَةٗ كَٱلدِّهَانِ

    फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।

    ३८

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ३९

    فَيَوۡمَئِذٖ لَّا يُسۡـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٞ وَلَا جَآنّٞ

    फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।

    ४०

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ४१

    يُعۡرَفُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ بِسِيمَٰهُمۡ فَيُؤۡخَذُ بِٱلنَّوَٰصِي وَٱلۡأَقۡدَامِ

    अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।

    ४२

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ४३

    هَٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِي يُكَذِّبُ بِهَا ٱلۡمُجۡرِمُونَ

    यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।

    ४४

    يَطُوفُونَ بَيۡنَهَا وَبَيۡنَ حَمِيمٍ ءَانٖ

    वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।

    ४५

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ४६

    وَلِمَنۡ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ

    और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।

    ४७

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ४८

    ذَوَاتَآ أَفۡنَانٖ

    दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।

    ४९

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ५०

    فِيهِمَا عَيۡنَانِ تَجۡرِيَانِ

    उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।

    ५१

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ५२

    فِيهِمَا مِن كُلِّ فَٰكِهَةٖ زَوۡجَانِ

    उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।

    ५३

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ५४

    مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشِۭ بَطَآئِنُهَا مِنۡ إِسۡتَبۡرَقٖۚ وَجَنَى ٱلۡجَنَّتَيۡنِ دَانٖ

    ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।

    ५५

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ५६

    فِيهِنَّ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ

    उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।

    ५७

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ५८

    كَأَنَّهُنَّ ٱلۡيَاقُوتُ وَٱلۡمَرۡجَانُ

    मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।

    ५९

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ६०

    هَلۡ جَزَآءُ ٱلۡإِحۡسَٰنِ إِلَّا ٱلۡإِحۡسَٰنُ

    एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?

    ६१

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ६२

    وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ

    तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।

    ६३

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ६४

    مُدۡهَآمَّتَانِ

    दोनों गहरे हरे रंग के हैं।

    ६५

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ६६

    فِيهِمَا عَيۡنَانِ نَضَّاخَتَانِ

    उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।

    ६७

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ६८

    فِيهِمَا فَٰكِهَةٞ وَنَخۡلٞ وَرُمَّانٞ

    उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।

    ६९

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ७०

    فِيهِنَّ خَيۡرَٰتٌ حِسَانٞ

    उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।

    ७१

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ७२

    حُورٞ مَّقۡصُورَٰتٞ فِي ٱلۡخِيَامِ

    हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।

    ७३

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ७४

    لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ

    उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।[7]

    [7] ह़दीस में है कि यदि स्वर्ग की कोई सुंदरी संसार वासियों की ओर झाँक दे, तो दोनों के बीच उजाला हो जाए और उन्हें सुगंध से भर दे। (सह़ीह़ बुख़ारी शरीफ़ : 2796)

    ७५

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ७६

    مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفۡرَفٍ خُضۡرٖ وَعَبۡقَرِيٍّ حِسَانٖ

    वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।

    ७७

    فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

    ७८

    تَبَٰرَكَ ٱسۡمُ رَبِّكَ ذِي ٱلۡجَلَٰلِ وَٱلۡإِكۡرَامِ

    बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।

    Ar-Rahman

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